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विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा में जांगिड़ समाज पाली जिला के 123 विधार्थियो ने लिया भाग।







 विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता परीक्षा में जांगिड़ समाज पाली जिला के 123 विधार्थियो ने लिया भाग।


पाली के रतनचंद लोढ़ा स्कूल में रविवार 3 मई को आयोजित हुई राज्य स्तरीय विश्वकर्मा सामान्य ज्ञान परीक्षा में भीषण गर्मी के बावजूद पाली जिले के 123 परिक्षार्थी परीक्षा में बैठे। परीक्षा केंद्र पर्यवेक्षक एवं जिला शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार जांगिड़  ने बताया की पाली जिले से जांगिड़ समाज के 177 विधार्थियों ने पुरस्कार जीतने और अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आनलाईन रजिस्ट्रेशन करवाया था, जिसमें से 123 विधार्थियो ने परीक्षा दी। उसमें जूनियर वर्ग से 58 और सिनियर वर्ग से 60 परीक्षार्थीयों ने भाग्य अजमाया।


पाली के केन्द्र अधीक्षक पारस मल बरड़वा एवं विजय जांगिड़ ने बताया कि समाज के वरिष्ठ आई आर एस अधिकारी डाॅ  दिनेश कुमार सारंग की प्रेरणा से अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा प्रादेशिक सभा जयपुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुई जांगिड समाज की यह पहली परीक्षा है जिसमें 63 लड़के तथा 60 लड़कीयों ने परीक्षा दी जो समाज में स्त्री पुरूष की समानता को दर्शाता है। 


परीक्षा सम्पन्न करवाने में इन शिक्षाविदों का रहा सहयोग 


सीएस प्रधानाचार्य पारसमल सुथार, वरिष्ठ पुस्तकालय अध्यक्ष विजय कुमार,  व्याख्याता वर्ग से किरण बाला जांगिड़, जगदीश चन्द्र, ओमप्रकाश बरड़वा, हरीश कुमार एदलावास, कम्प्यूटर अनुदेशक नितिन कुमार, वरिष्ठ अध्यापक वर्ग से रामदयाल जांगिड़,  महेंद्र राज,  विष्णु जांगिड़, राजेश जांगिड़, हरीश जांगिड़, कार्यालय सहायक धनराज सायल, शारिरिक शिक्षक मदनलाल जांगिड़, प्रकाशचंद जांगिड़, श्रवण कुमार, अशोक पारखवड।


प्रचार मंत्री घेवरचन्द आर्य ने बताया कि परीक्षा पश्चात सभी परीक्षार्थियों को श्री विश्वकर्मा शिक्षा समिति सम्पूर्ण पाली जिला की और से प्रत्येक विधार्थी को 9 कोपी का एक सेट वितरण किया गया। साथ ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए जलपान एवं भोजन की व्यवस्था स्मृति शेष मांगीलाल लूंजा परिवार और से  की गई।


 परीक्षा सम्पन्न करवाने, कापीया वितरण करने और भोजन व्यवस्था में समाज अध्यक्ष मोहनलाल जांगिड़, मंत्री ओमप्रकाश लूजा, कोषाध्यक्ष अमरचंद शर्मा, रामेश्वर लूंजा, घेवरचन्द आर्य, विनोद जोपिग, शेषाराम पारखवड, हनुमान जांगिड़, दिनेश पडिहारिया, प्रवीण बेगड, भंवरलाल सायल, प्रदीप बेगड, अशोक किंजा, प्रकाश पिडवा, राजेन्द्र जोपिग, गणेश किंजा, दिपक जांगिड़, आदि का सहयोग रहा।


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