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Showing posts from March 22, 2026

कठोर परिश्रम से मन चाही मंझिल तक की यात्रा

  कठोर परिश्रम से मन चाही मंझिल तक की यात्रा           ✍️ लेखक की कलम से......  जन्म स्थान से स्थालान्तरित होना हि प्रगति का उगम स्थान (श्रौस्त्र) है जी, प्रगति के मूळ मे "कठोर परिश्रम" हि उसकी जड़ होती है।           जन्म स्थान से दूर जाने के कारण यह सम्भव  होता है की वहा दूर देश में सभी लोग आपके लिए अनजान होते है वह सबका स्वभाव व सभी की आद्दतें भिन्न भिन्न होती है तथा यथा वहा की बोली, खान पान व संस्कारों में भी भिन्नता होती है जो आपने अभी तक देखे नहीं होते है, सब यही से आपका अपनों से दूर जीवन का एक नया अध्याय शुरु होता है जो पहले आपने ना कभी देखा व ना जाना पहचाना भी था, अब दूर प्रदेश में आप सब कुछ नया नया नए नए लोगों के साथ रहकर सिख रहे होते है।             भाषा,कला व संस्कृति का नया बैजोड़ ज्ञान आप हासिल कर रहे होते है जहा लाड प्यार व लिहाज की गुंजाइश नहीं के बराबर होती है व कुछ कर गुजरने की आपकी चाहत ही आपको आराम से नहीं बैठने देती है साथ ही सब नये लोगों का संग ही दिन रात आपको ईमानदारी...