अचानक हुई एक प्रेरणादायक और यादगार मुलाकात जीवन की लंबी यात्रा में कुछ क्षण ऐसे आते हैं जिनका होना नियति जैसा लगता है। वे न तो पहले से सोचे होते हैं और न ही किसी योजना के तहत घटित होते हैं, लेकिन उनका प्रभाव दिल पर इतना गहरा होता है कि वे हमेशा के लिए एक सुंदर स्मृति बन जाते हैं। जोधपुर एयरपोर्ट पर ऐसा ही एक प्रेरणादायक और अविस्मरणीय पल तब आया, जब सुथार समाज के प्रतिष्ठित भामाशाह, समाजसेवी, उद्योगपति तथा संत-स्वभाव और सादगी की मिसाल श्री पूनम जी कुलरिया, सुपुत्र संत श्री दुलाराम जी कुलरिया, से अचानक भेंट हुई। श्री पूनम जी कुलरिया वह व्यक्तित्व हैं जिनकी प्रसिद्धि केवल राजस्थान या भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे विश्व में फैली हुई है। समाजसेवा, उदारता, सरलता और विनम्रता—ये चारों गुण उनके व्यक्तित्व की पहचान हैं। उनसे मिलते ही यह सहज रूप से महसूस हो जाता है कि बड़े पद और बड़ा काम करने वाले लोग हमेशा बड़े दिल के भी होते हैं। उनकी मुस्कान में अपनत्व, वाणी में मधुरता और व्यक्तित्व में अद्भुत शालीनता है। यह वही गुण हैं जो विरले ही किसी में देखने को मिलते हैं और जो उन्हें समाज में अत्यंत...